Neo-Nationalism and Twenty Nineteen Elections

Nationalism is based on the premise that loyalty and devotion to the country are supreme and it surpasses the individual or group interests. It is one of the most powerful tools to keep people united specially in a country like India that has linguistically and culturally multiple religious and social groups. The early twentieth-century national... Continue Reading →

मेरी गंगोत्री यात्रा: गंगोत्री पर जलवायु परिवर्तन का असर

मेरी गंगोत्री यात्रा- गंगोत्री पर जलवायु परिवर्तन का असर गंगोत्री पहाड़ के ऊपर चढ़ते हुए मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि ज्यों ज्यों मैं ऊपर जा रहा था पेड़ों के आकार छोटे होते जा रहे थे और तने के व्यास से वे युवा लग रहे थे। यह वातावरणीय बदलाव का सूचक है। संभवतः पूर्व में... Continue Reading →

क्या बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए आधुनिक जीवन संभव है ?

क्या बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए आधुनिक जीवन संभव है ? पर्यावरण की हानि को रोकने के लिए साधू बनने की जरूरत नहीं है ; क्योंकि इसका अर्थ होगा अपने आप को मानव मानने से पूर्णतया अस्वीकार करना।

पर्यावरण इतिहास क्या है ?

परिवर्तन की कथा ही इतिहास है। अगर मनुष्य एवं उसके चारों ओर फैला विशाल संसार हमेशा स्थिर रहता, उसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं होता तो शायद इतिहास का जन्म भी न हुआ होता और न हम उसका अध्ययन कर रहे होते। लेकिन मानव सभ्यता के उदय और उसके विकासक्रम के विशाल कालखंड में आश्चर्यजनक... Continue Reading →

Website Powered by WordPress.com.

Up ↑